कौन हूँ मैं ?

बीता हुआ कल
या स्वप्न की शकल
भीगी आँखों का तारा
या टूटता सितारा ?
कौन हूँ मैं ?

महकता सावन
या बहकता साजन
ओस का घेरा
या बासी सवेरा ?
कौन हूँ मैं ?

शाम का अँधेरा
या सूरज का सवेरा
भीड़ का मेला
या मेले में अकेला
जीवन का अंत
या जीवन अनंत ?
कौन हूँ मैं ??

रवि ; गुडगाँव : ५ जून २००३